संपादकीय
ब्लॉग
डैनियल कोहन-बेंडिट: मई-68 आन्दोलन का लोकप्रिय छात्र नेता
1968 का साल पूरी दुनिया में उथल-पुथल का साल था। जगह-जगह छात्र, नौजवान, मजदूर और आम लोग पुराने ढाँचे, राजनीति और दमनकारी सरकारों के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे थे। अमरीका में वियतनाम युद्ध के खिलाफ आन्दोलन चल रहा था। अफ्रीका और एशिया के देशों में उपनिवेशवाद के खिलाफ लड़ाइयाँ जारी थीं। चीन में सांस्कृतिक क्रान्ति चल रही थी। इसी दौर में फ्रांस में भी एक ऐसा... आगे पढ़ें
देश-विदेश के इस अंक में
सामाजिक-सांस्कृतिक
अम्बेडकर ने कहा था कि हिन्दू राज भारत के लिए सबसे बड़ी आपदा होगी
दलित आन्दोलन के अग्रणी विद्वान तेलतुम्बड़े बताते है कि कैसे हिन्दुत्ववादी पार्टियाँ राजनीतिक लाभ के लिए बाबासाहेब का इस्तेमाल करती हैं। –– अमेय तिरोडकर विद्वान आनन्द तेलतुम्बडे कहते हैं कि अम्बेडकर का... आगे पढ़ें
राजनीति
कर्नाटक सरकार देवनहल्ली के किसानों के साथ विश्वासघात कर रही है
–– ललिता क्या कर्नाटक सरकार किसानों को धोखा देने, देवनहल्ली की उपजाऊ कृषि भूमि को कॉर्पाेरेट और रियल एस्टेट माफिया के हवाले करने पर आमादा है? क्या वह खुद का पतन देखना चाहती है? देवनहल्ली तालुक के चन्नारायपटना... आगे पढ़ें
साहित्य
निकोलाई ओस्त्रोव्स्की का उपन्यास ‘अग्निदीक्षा’
–– लाल बहादुर वर्मा (जन इतिहासकार लाल बहादुर वर्मा का जीवन ऐसा था कि उन्हें एक संकल्पित इतिहासकर्मी कहना ही सही होगा। अपनी तरह के अकेले! लेकिन पूरी दुनिया बना कर रखते थे, मानवीय दुनिया। 20 साल से भी... आगे पढ़ें
मीडिया
जेन जेड वर्गीकरण: लूट की व्यवस्था को बढ़ावा देने का हथकण्डा
आजकल जेनरेशन जेड, जेनरेशन अल्फा, जेनरेशन बीटा जैसे नाम खबरों में हैं। दफ्तरों में या युवाओं के बीच जनरेशन के इन शब्दों का चलन अधिक मिलता है। उम्र के हिसाब से पीढ़ियों के इस विभाजन को पीढ़ीगत वर्गीकरण कहा जाता है।... आगे पढ़ें